Thursday, 21 January 2016

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ: जानिये क्यूँ आरएसएस राष्ट्रवादी संगठन नहीं है

आरएसएस दावा करता है कि वो एक राष्ट्रवादी संगठन हैं, मगर सच्चाई यह है धर्म के नाम पर धोखा देने वाला संघ 'हिंदुत्व' को सर्वोपरि रखता है, देश से भी ऊपर.

ये हिंदुत्व शब्द भी धोका देने के लिए इस्तेमाल होता है. जानिये संघ की सच्चाई और उसकी विचारधारा:

1. संघ हिन्दू संगठन नही है, बल्कि 'सवर्ण, ब्राह्मणवादी' संगठन है जिसके उच्च पदों पर सिर्फ महाराष्ट्र के ब्राह्मण ही आसीन होते हैं

2. आरएसएस का सरसंघचालक ब्राह्मण होता है और ये परंपरा नब्बे साल से है, एक अपवाद को छोड़ कर

3. आरएसएस ने कभी आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा नही लिया, सन के आंदोलन में इसने खुल कर अंग्रेज़ों का साथ दिया

4. संघ जात-पात प्रथा का पक्षधर है और घोर जातिवादी संगठन है, हाल में ही मोहन भागवत ने दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को आरक्षण दिए जाने पर पुनर्विचार की बात की थी

5. गिरिराज किशोर ने खुले आम कहा था कि एक गाय की जान दलित की जान से ज़्यादा कीमती है. गिरिराज किशोर विहिप के नेता थे, जो संघ परिवार का हिस्सा है

6. धर्म के नाम पर धोखा देने वाला संघ 'हिंदुत्व' को सर्वोपरि रखता है, देश से भी ऊपर. संघ कार्यकर्ता की निष्ठा हेगड़ेवार-गोलवलकर की फिलासफी यानी 'गोडसेवाद' है. ये हिंदुत्व शब्द भी धोका देने के लिए इस्तेमाल होता है. हिंदुत्व की कल्पना एक घोर ब्राह्मणवादी मानसिकता से उपजी है, जिसमें पिछड़ों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों, दलितों, आदिवासियों को दोयम दर्जे का नागरिक समझा जाता है.

7. आरएसएस राष्ट्र की बात करता है पर ये राष्ट्रीय प्रतीकों को नही मानता, संघ ने तिरंगे को कभी मान नहीं दिया, नागपुर मुख्यालय में भी लगभग साठ साल तक राष्ट्रध्वज नहीं फहराया गया

8. संघ को बाबासाहब आंबेडकर के लिखे गए भारत के संविधान में आस्था नहीं है

9. संघ हमेशा से महिला विरोधी रहा है और साथ ही प्रगीतिशील आन्दोलनों के विरोध में भी खड़ा हुआ है. हद तो ये है, संघ कार्यकर्ताओं ने सती जैसे परंपरा का महिमामंडन किया है.

10. आरएसएस खुले आम हथियार चलाने की ट्रेनिंग देता है और इसके कार्यकर्ता आतंकवाद के आरोप में बार बार  पकड़े गए हैं. महात्मा गांधी की हत्या की साज़िश में शामिल लोग आरएसएस से सम्बद्ध थे. गांधी की हत्या के बाद सरदार पटेल ने संघ पर प्रतिबन्ध लगा दिया था

TEN REASONS WHY RSS IS NOT A NATIONALIST ORGANISATION

Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) claims that is a nationalist organisation but the truth is that it is not patriotic, as at its core likes casteist and Fascist mindset.

1. RSS is not a Hindu organisation but it is an extremist 'Savarna, Brahministic' organisation.

2. In the last 90 years, Brahmins have headed it, except once.

3. RSS never took part in India's freedom struggle. In fact, it supported British during 1942 movement for independence.

4. RSS is a casteist group. Recently,Sarsanghchalak Mohan Bhagwat had suggested review of reservation policy.

5. Giriraj Kishore had openly said that life of cow is more valuable than a Dalit's life

6. Though RSS claims to be an organisation dedicated to cause of Hinduism, it is in fact a group that puts 'Hindutva' above the Nation. The 'Hindutva' ideology is actually the ideology of Hegdewar-Golwalkar and its extension, whichis Godse-ism. The word 'Hindutva' is used to lure Hindus though majority of Hindus are not treated equals. For Sangh, Dalits, Backwards, Minorities, Women, Tribal are second class citizens.

7. RSS talks of 'Rashtra' but doesn't respect the national symbols. For decades, tricolour wasn't hoisted at RSS headquarters in Nagpur.

8. Sangh Parivar doesn't have faith in Indian constitution as it was written by Dr BR Ambedkar, a crusader for Dalits and Backwards

9. RSS has always taken an anti-women stand

10. RSS openly gives arms' training to its cadre. Sangh workers have been found involved in terror activities. In Samjhauta Express case, Hyderabad and Ajmer blasts too, RSS workers were arrested for involvement in terror. After Gandhi's assassination, RSS was banned by Sardar Patel.

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